
जे माँ दुःख सब दे हरदी ए, ते सानु ना क्यों करदी ए ।
दुःख डाडे मैं हाँ कमजोर किन्नू कवां,
तैनू ना कवां, ते दस् होर किन्नू कवां ।
महारानीए साडी वी सुने ता तैनू जानिए ॥
जागदे नसीब मेरे किवे सो गए,
सुख चैन सारे मेरे चोरी हो गए ।
तुहिओ दस दातीये नी चोर किन्नू कवां,
कोई वी सहारा मेरा बनेया नहीं,
तेरे सिवा किसे नू वी मनेय नहीं ।
आसा वाली टूट गयी डोर किन्नू कवां ,
दुख दा सताया तेरे दर आ गया,
अमिये नी बाल तेरे घर आ गया ।
किसे ते वी चलदा नहीं ज़ोर किन्नू कवां ,
मेरे सर उत्ते रख हथ्थ मेहर दा,
बूहे ते सवाली खड़ा बड़ी देर दा ।
खैर झोली पा मैनु तोर, किन्नू कवां,
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