
दर्दे दिल जब कभी मचलता है,
अश्क़ बन बन के गम पिघलता है,
लाख कोशिश करूँ संभलने की,
दिल तो दिल है कहाँ सम्भलता है,
इतना डूबा हूँ उनकी यादों में,
दिल कहीं भी नहीं बहलता है,
हम तो अपनी वफ़ा पे कायम है,
वो बदल जाए जो बदलता है,
वक्त का ही उसूल ऐसा है,
लाख टाले मगर ना टलता है,
गायक – धीरज बावरा जी।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


