
दर पे तुम्हारे सांवरे सिर को झुका दिया
Dar Pe Tumhaare Saanvare Sir Ko Jhuka Diya lyrics
दर पे तुम्हारे सांवरे सिर को झुका दिया,
मैंने तुम्हारी याद में खुद को मिटा दिया,
ओ सांवरे ओ सांवरे तिरछी तोरी नजर,
घायल कर गई है मेरा फूलों सा जिगर,
मुरली की तेरी तान ने पागल बना दिया,
दर पे तुम्हारे साँवरे......
तुम देखो या ना देखो मेरे नसीब को,
पर रहने दो मुझको सदा अपने करीब तो,
है बार बार मैंने तुमको भुला लिया,
मैं क्या बताऊं तुमको क्या खा रहा है गम,
बेकार हो ना जाए कहीं मेरा यह जनम,
मुझ पे हंसेगी जिंदगी यूँ यूँ ही गवां दिया,
दिल में लग रही है विरह की आग यह,
एक दिन बुझेगी तुमको पाने के बाद यह,
होगी सफल ये साधना जब तुमको पा लिया,
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