
दातार हो तो दया तुम दिखा दो श्री कृष्ण
दातार हो तो,
दया तुम दिखा दो,
गुजारु ये जीवन कैसे,
इतना सीखा दो,
दातार हो तो,
दया तुम दिखा दो।।
तर्ज – सागर किनारे।
बाँध सबर का,
टूट ना जाए,
जिंदगी ये मेरी मुझसे,
रूठ ना जाए,
साथ ये अपना,
छूट ना जाए,
सहने मैं पाऊँ,
ऐसी सजा दो,
गुजारु ये जीवन कैसे,
इतना सीखा दो,
दातार हों तो,
दया तुम दिखा दो।।
चौखट पे तेरी बाबा,
पटक सर रहा हूँ,
सांसे तो लेता हूँ,
मगर मर रहा हूँ,
बस इतनी तुमसे,
अरज कर रहा हूँ,
चरणों में अपने,
मुझको जगह दो,
गुजारु ये जीवन कैसे,
इतना सीखा दो,
दातार हों तो,
दया तुम दिखा दो।।
दिल की ये बातें,
तुम्ही से कहेंगे,
दुःख और कितने बाबा,
प्रभु हम सहेंगे,
‘माधव’ की बगिया,
माधव खिला दो,
गुजारु ये जीवन कैसे,
इतना सीखा दो,
दातार हों तो,
दया तुम दिखा दो।।
दातार हो तो,
दया तुम दिखा दो,
गुजारु ये जीवन कैसे,
इतना सीखा दो,
दातार हो तो,
दया तुम दिखा दो।।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
