
दिया बाबा ने जीवन दान
श्याम, श्याम,
दिया बाबा ने जीवन दान,
दिया श्री श्याम ने जीवन दान,
खाटू वाले श्याम सुन्दर की,
यही तो है पहचान,
कृपा मैं श्याम प्रभु की,
आज तुमको दिखलाऊ,
एक सच्ची घटना की,
कथा मैं गा के सुनाऊं,
जिला हापुड़ की बात है,
जिसे मैं बतलाती हूँ,
एक दम्पति के मन की,
व्यथा मैं समझाती हूँ,
उन दोनों की जान थी उनकी,
इकलौती संतान,
बात डॉक्टर की सुन के,
दोनों रोने लगते हैं,
चेहरा आंसुओं से अपना,
दोनों धोने लगते हैं,
बचा लो लाल को मेरे,
ले लो धन दौलत सारे,
नहीं क्यों ठीक हो रही,
लगी कैसी बिमारी,
विनती करते हैं हम तुमसे,
बचा लो इसके प्राण,
अपने बच्चे को लेकर,
दोनों घर आ जाते हैं,
देख के बच्चे की हालत,
हाथ मल रह जाते हैं,
उनके बच्चे की हालत,
दिनों दिन बिगड़ रही थी,
उनकी आँखों के सामने,
साँसे उखड रही थी,
करे प्रार्थना, दोनों रोके,
दया करो भगवान्,
मन में उम्मीदें लेकर,
श्याम दरबार में आएं,
खड़े हैं श्याम के आगे,
नैन से नीर बहाए,
गोद में बालक लेकर,
खड़ी है उसकी माता,
हाल बेहाल लाल का,
माँ से ना देखा जाता,
कृपा कर दो, पुत्र पे मेरे,
खाटू के बाबा श्याम,
बोली बच्चे की माता,
बात मेरी सुनों पुजारी,
श्याम बाबा के आगे,
बन के हम खड़े भिखारी,
श्याम जल लेकर आओ,
लाल को छींटा मारो,
श्याम बाबा से कहकर,
हमारे कष्ट निवारों,
अगर लाल मेरा ठीक हुआ ना,
दे देंगे हम जान,
श्याम जल लेकर के वो,
लौट घर वापस आये,
दोनों की आखों से सांसु,
अभी तक रुक ना पाए,
श्याम जल आँखों पे उसके,
माता लगा रही है,
उठो तुम आँखे खोलो,
लाल को जगा रही है,
बेहोशी की हालत में है,
बालक वो नादान,
आँख बच्चे ने खोली,
होश में आ गया बेटा,
उठ कर वह बैठ गया था,
अभी तक था जो लेता,
झट से माँ बाप ने उसको,
उठा के गले लगाया,
जुबा पे नाम वही फिर,
श्याम बाबा का आया,
मुरझाये चेहरों पे उनकी,
आ गई थी मुस्कान,
फिर से बच्चे को अपने,
जाके डॉक्टर को दिखाए,
देख के उस बालक को,
सभी का सर चकराए,
उनसे डॉक्टर ने पूछा,
ये कैसे ठीक हुआ है,
जरा हम भी तो देखें,
के वो कैसी दवा है,
श्याम जल को देख के डॉक्टर,
हुआ बड़ा हैरान,
दिया मेरे श्याम ने जीवन दान,
श्याम जल बनी दवाई,
कट गई हर बिमारी,
देख लो डॉक्टर साहब,
श्याम जी की दातारी,
हारे का जो है सहारा,
वही है वैद्य हमारा,
श्याम की शरण जो आया,
कभी ना फिर वो हारा,
कथा लिखे सुखदेव अंजना,
करती है गुणगान,
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