
दुःख की बदली जब जब मुझ पे छा गई माता
दुःख की बदली,
जब जब मुझ पे छा गई,
सिंह सवारी करके,
मैया आ गई,
वो आ गई वो आ गई,
वो आ गई मेरी माँ,
तर्ज – दिल दीवाना ना जाने कब।
जब जब संकट आया है,
माँ को सामने पाया है,
दुनिया ने रिश्ते तोड़े,
इसने साथ निभाया है,
रोते हुए को हसा गई,
अपने गले लगा गई,
स्वार्थ के संसार में,
तू ही एक सहारा है,
तेरे बिना इस जग में माँ,
कोई नहीं हमारा है,
हारे हुए को जीता गई,
भक्त का मान बढ़ा गई,
ये सच्ची दातार है,
इसकी दया अपार है,
इसकी रहमत से चलता,
मेरा घर संसार है,
‘रजनी’ की बिगड़ी बना गई,
हर घड़ी लाज बचा गई,
स्वर – रजनी राजस्थानी।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.





