
(तर्ज:- परदेशी परदेशी जाना नही)
दुर्गे माँ दुर्गे माँ जाना नही .... हो जाना नही
हमे छोड़कर...मुझे छोड़कर
दुर्गे माँ हम तुझको
रो रो पुकारे
हमे छोड़कर...मुझे छोड़कर -2
हाथ हमारा पकड़ा है तो छोड़ो ना
रिश्ता हमसे जोड़ा तो तोड़ो ना -2
दुर्गे माँ तू हमसे
रिश्ता निभा रे
दुर्गे माँ दुर्गे माँ जाना नही .... हो जाना
इस दुनिया में मईया तेरा सहारा है
माँ दुर्गे बस तू ही एक हमारा है -2
दुर्गे माँं हम कैसे
जीवन गुजारे
जिस दिन मईया तू हमे छोड़कर जायेगा
बेटा तेरा जीते जी मर जायेगा -2
दुर्गे मईया हम जीते है
तेरे सहारे
लेखक और तर्ज
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