
दूल्हे बहुत ही देखे हैं बाराती भी बहुत
लेकिन मेरे भोले सा कोई नहीं देखा
अजब है....
अजब है महाकाल की नगरी उज्जैन की
बाराती नहीं देखी मगर दूल्हा बना देखा
दुल्हा बना है भोला दूल्हा बना है भोला
उज्जैन की नगरी में दूल्हा बना है भोला
ताजा है तन भभूती अजब है उनका चोला
जो भी नगर में उनके उम्मीद लेके आता ।
मन की मुराद अपनी उस दर से वो है पाता
भरते हैं सबकी झोली खाकर के भांग गोला
भक्तों की मान रखने महाकाल बनके आए
और काल भैरव बनके डेरा वहां जमाए
प्रकट हुए जब शिव जी त्रिलोक सारा डोला
प्रगट हुए जब शिवजी त्रिलोक सारा डोला
बैठे महाकालेश्वर बनके उज्जैन की नगरी में
राजा के हैं महाराजा उज्जैन की नगरी में
दानव दूषण समर भी सर को झुका के बोला
ऐसे ही सुन्दर भजन आप निचे दी गयी सूचि में देख सखते है
गणेश जी के भजन
विट्ठलाचे अभंग मराठी
राधा कृष्ण के भजन
कृष्णाच्या गवळणी मराठी
शिव जी के भजन
गुरुदेव के भजन
माता रानी के भजन
दादाजी धुनिवाले के भजन
साईं बाबा के भजन
देश भक्ति गीत
राम जी के भजन
फ़िल्मी तर्ज पर भजन
हनुमान जी के भजन
बधाई गीत
आरति संग्रह
चालीसा संग्रह
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




