
दौड़यो दौड़यो आवे रे बाबो बावलिया बाबा भजन
राजस्थान में जिलो रे झुंझुनू,
गांव चिड़ावा धाम जी,
सबकी इच्छा पूरी करो थे,
सुण्यो है थारो नाम जी,
नीला वस्त्र धारण करो,
लोग हांडी वालो बतावे,
जो कोई सच्चे मन स्यूँ ध्यावे,
रे बाबो बिगड्या काम बनावे,
दौड़यो दौड़यो आवे रे बाबो,
दौड़यो-दौड़यो आवे।।
सहल बड़ा प्रसाद हो बाबा,
थारे मन ने भावे जी,
जीवा ऊं बड़ो प्रेम करो थाने,
लोग बावला बतावे जी,
यूं भूल्यो भटक्यो फिरे स रे,
मेरो बाबो राह दिखावे,
भोलेनाथ का भक्त कहाओ,
माँ दुर्गा का दास जी,
बिड़ला भी थारे दर पर आयो,
पूरी कर दी आस जी,
नीली ध्वजा अम्बरां लहराओ,
हर कोई थारो दीवानो जी,
थारे दर पर कोई ना भूखो सोवे,
थे सब ने देवो निवालो जी,
सब हो जाए बेड़ा पार हो बाबो,
चमत्कार दिखलावे,
चंद्रमौली थारे दर पर आयो,
पीड़ा पड़ी है भारी,
थाने समर्पित,
पीड़ा मेटो सारी,
चिड़ावा का भगत तो देखो,
बाबा थारी महिमा गावे,
गायक – डॉ. चंद्रमौलि पचरंगिया।
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