
धिन सोलंकी सिद्ध राव,
नखत अवतारी,
बालूङो तपधारी,
थाने भुआ सा गोद खिलावे,
धोरा वालों देश,
नखत तपधारी,
थाने बूआ सा गोद,
खिलावे नखत अवतारी।।
अलसी सिंहजी रा पोतरा,
कानजी रो लालो,
बाबो जन्म जन्म रो,
साथ निरंजन अवतारी।।
ओ कालो नाग नाग,
जरीलो डस जावे,
धुणा री भबूति लगाया सू,
जहर कट जावै।।
ओ राणो बजावे ढोल,
पपङो गावे छावली,
बाबो जन्म जन्म रो साथ,
निरंजन अवतारी।।
प्रेषक – जयप्रकाश सिँवर।
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