
नबजिया वैद क्या जाणे,
हमें दिल कि बीमारी है।।
कभी कफ रोग बतलाये,
कभी तासीर गरमी की,
जिगर का हाल तू मेरा,
नहीं जाने अनाडी है,
नबजिया वैद क्या देखे,
सनम कि मोहिनी मूरत,
बसी दिल बीच में मेरे,
न मन में चैन है तन की,
खबर सारी बिसारी है,
असर करती नहीं कोई,
दवाई कीमती तेरी,
बिना दीदार दिलबर के,
मिटे नहीं बेकरारी है,
अगर दीदार को मेरे,
मिलावे तू कभी मुझसे,
वो ब्रह्मानंद गुण तेरा,
करूँ मैं यादगारी है,
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