
नाचे चौसठ जोगनी,
भेरू लटीयालो रे,
अरे पगा घुगरा बांध ने,
खेले मतवालो रे,
अरे नाचे चौसठ जोगणी,
अम्बा रो अगवानी खेतलाजी,
चामुंडा रो चेलो,
अरे सिवरे जिन भक्तो रे भेरूजी,
हरदम रेवे वेलो,
काला गोरा है अगवानी,
रमता रमता आवे,
अरे जो कोई पूजे भेरूजी ने,
मनसा यहाँ फल पावे,
ढोल नगाडा नोपत बाजे,
झालर रो झनकारो,
अरे रमतो रमतो आवे खेतलाजी,
माताजी रो प्यारो,
साकल रा सरडाटा बाजे,
देव खेतलाजी आवे,
अरे भोपा रे ऊबा घूमर गाले,
नित उठ शिश निवावे,
अरे वडली वाला भेरूजी रा,
परचा पड रया भारी,
अरे आवे घणा नर मानवी ये,
बालक ने नर नारी,
मात कुवारा लाल कहीजो,
खेतल थे तपधारी,
अरे चेतन माली करे विनती,
सुनलो अर्जी मारी,
अरे गौतम माली करे विनती,
सुनलो अरजी मारी,
गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
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