
नाथजी शरण कमल बलिहारी,
दोहा – शांतिनाथ जी को ध्यावसी,
और होसी आनंद उत्साह,
हाथ जोड़ विनती करा,
पडा मै थारे पाँव।
पीर बापजी पर उपकारी,
शरने आयो ने लेवे ऊबारी,
पीर बापजी पर उपकारी,
शरने आयो ने लेवे ऊबारी,
महिमा ज्यारी भारी,
नाथजी शरण कमल बलिहारी ए हा।।
गाँव भागली मे जन्म धराया,
रावत सिंह जी पिता केवाया,
गाँव भागली मे जन्म धराया,
रावत सिंह जी पिता केवाया,
माँ सिन्गारी थारी पिरजी,
शरण कमल बलिहारी ए हा,
केसर नाथजी गुरू भेटीया,
जन्म मरण रा संचे मेटिया,
केसर नाथजी गुरू भेटीया,
जन्म मरण रा संचे मेटिया,
अटल फकीरी थारी,
पीरजी चरण कमल बलिहारी ए हा।।
चितरनी मे भजन कमायो,
भंवर गुफा मे मनडो लगायो,
चितरनी मे भजन कमायो,
भंवर गुफा मे मनडो लगायो,
भगती कमाई भारी नाथजी,
शरण कमल बलिहारी ए हा,
बत्ती रे चतुरमास आप कराया,
घट घट में गुरू ज्ञान बहाया,
बत्ती रे चतुरमास आप कराया,
घट घट में गुरू ज्ञान बहाया,
सिवरे नर ने नारी,
नाथजी चरण कमल बलिहारी ए हा।।
उदयपुर में परम पद पायो,
जीव शिव मे आप मिलायो,
उदयपुर में परम पद पायो,
जीव शिव मे आप मिलायो,
बिलखे सब संसारी पीरजी,
शरण कमल बलिहारी ए हा,
सिरे मन्दिर गढ़ आपने लाया,
गुरू शरनो मे समाधि दिराया,
सिरे मन्दिर गढ़ आपने लाया,
गुरू शरनो मे समाधि दिराया,
अलख समाधि थारी पीरजी,
शरण कमल बलिहारी ए हा।।
शिष्य गंगा नाथजी गुरू गुण गावे,
जोरावर सत्त महिमा लिखावे,
शिष्य गंगा नाथजी गुरू गुण गावे,
जोरावर सत्त महिमा लिखावे,
‘श्याम पालीवाल’ गावे,
नाथजी शरण कमल बलिहारी,
शरण कमल बलिहारी ए हा।।
गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818
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