
पार्वती तेरा भोला,
जगत में सबसे निराला है ।
जो मै होती गंगा जैसी,
जटा में जाय समाती ।
पती तो तेरा सबसे निराला है ।
जो मै होती चंदा जैसी,
माथे पे जाय समाती ।
जो मै होती सर्पो जैसी,
गले में जाय समाती ।
जो मै होती डमरू जैसी,
हाथों में जाय समाती।
जो मै होती गौरा जैसी,
बगल में जाय समाती।
जो मै होती गणपति जैसी,
गोदी में जाय समाती ।
जो मै होती नंदी जैसी,
चरणों में जाय समाती ।
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