
पिंगहां झूलें दाती
पिंगहां, झूलें दाती, कंजकाओं संग, खेले गीतियां ॥
सिर ऊपर, लाल चुन्नी, कानों में झुमके ॥
माथे बिंदी, लाल मात, कंजकाओं संग, खेले गीतियां...
पिंगहां, झूलें दाती, कंजकाओं संग...
लाल पहना, लहंगा माँ के, हाथों में चूड़ियां ॥
गले फूलों की, माला मात, कंजकाओं संग, खेले गीतियां...
छोटे छोटे, पैरों में, चांदी की झांझरें ॥
हाथों में मेहंदी, लाल मात, कंजकाओं संग, खेले गीतियां...
दीपक यह, रूप माँ का, कितना प्यारा लगता ।
बिना बोले, दाती दुख, काटे सारे जग का ।
करती माला, माला मात, कंजकाओं संग, खेले गीतियां...
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