
फूलो का झुलना मेरी मैया का,
माँ छोटे लेवे कुछ लम्बे लम्बे कुछ छोटे छोटे
बड़े प्यार से भगत झुलावे बूढ़े बचे हाथ लगावे,
बूढ़े बचे हाथ लगावे माँ को देख खिल खिल जावे
ये झुला है सब की खुशियों का मैया का
माँ जिस पटरी पर बैठी है वो दुःख दर्दो की पटरी है
अपने कर्मो की गठरी है दमन करे माँ दुःख दर्दो का
ये डोरी माँ की ममता है इस में कुछ जादू होता है,
इस में कुछ जादू होता है यो पकड़े वो सुख पाता है
हल हमे मिले सपनो का फूलो का झुलना मेरी मैया का,
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