
बड़ी दूर से आए है भागवत अमृत लाए है
बड़ी दूर से आए है,
भागवत अमृत लाए है,
अपना लो या ठुकरा दो,
श्रद्धा के फूल लाए है,
तर्ज – बड़ी दूर से आए है।
तेरे दर पर जो आता है,
बिन मांगे पाता है,
माँ बेटे का,,ये कैसा नाता है,
हम भटकते हम भटकते,
हम भटकते बच्चे तेरे है,
मेरा दर्द तू सुन ले श्याम,
है अपना ना पराया,
तेरे सिवा मेरा,,है कौन मेरा प्यारा,
हम बिलखते हम रोते,
हम बिलखते बच्चे तेरे है,
ना स्वर है ना सरगम है,
ना लय ना कोई तराना,
जो चाहे हो,,
मैं श्याम का दीवाना,
मोहित मन की, मोहित मन की,
‘मोहित’ मन की मुरादे पाते है,
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