
बरसा दाता सुख बरसा आँगन आँगन सुख बरसा
बरसा दाता सुख बरसा,
आँगन आँगन सुख बरसा,
चुन चुन कांटे नफरत के,
प्यार अमन के फूल खिला।
तर्ज – तेरा मेरा प्यार अमर।
तन से कोई है दुखी,
मन से कोई है दुखी,
हे प्रभु दया करो,
सारा जहान हो सुखी,
हर पल मांगू यही दुआ,
झोलियाँ सुखो की तुम,
सबकी दाता भर ही दो,
सतगुरु जी तुम हमें,
सब्र और शुक्र भी दो,
सबके दुखो की तू है दया,
बेर क्लेश को मिटा,
दाता सकल संसार से,
नाम का स्मरण करे,
मिलके सारे प्यार से,
मानव से मानव हो ना जुदा,
भाई से भाई हो ना जुदा,
माँ से बेटा हो ना जुदा,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




