
बारिशों की छम-छम में तेरे दर पे आए हैं
मेहरा वाली, मेहरा कर दे, झोलियाँ सबकी भर दे
मेहरा वाली, मेहरा कर दे, झोलियाँ सबकी भर दे, ओ
बिजली कड़क रही है, थम-थम के आए हैं
कोई बूढ़ी माँ के संग आया, कोई तन्हा हुआ तैयार
कोई आया भक्तों की टोली में, कोई पूरा परिवार
हो-हो, कोई बूढ़ी माँ के संग आया, कोई तन्हा हुआ तैयार
सबकी आँखें देख रहीं, कब पहुँचें तेरे द्वार
छोटे-छोटे बच्चों को संग लेके आए हैं
मेहरा वाली, मेहरा कर दे, झोलियाँ सबकी भर दे, माँ
काली घनघोर घटाओं से जम-जम कर बरसे पानी
आगे बढ़ते ही जाना है, भक्तों ने यही है ठानी
हो, काली घनघोर घटाओं से जम-जम कर बरसे पानी
सबकी आस यही है कि मिल जाए तेरा प्यार
भीगी-भीगी पलकों पे सपने सजाए हैं
तेरे ऊँचे भवन पे, माँ अम्बे, रहते हैं लगे मेले
मीठा फल वो ही पाते हैं जो तकलीफ़ें झेलें
हो-हो, तेरे ऊँचे भवन पे, माँ अम्बे, रहते हैं लगे मेले
दुख पाकर ही सुख मिलता है, भक्ति का ये सार
मैया, तेरी दरस के दीवाने आए हैं
रिमझिम ये बरस रहा पानी, अमृत के लगे सामान
इस अमृत में भीगें पापी तो बन जाएँ इंसान
हो, रिमझिम ये बरस रहा पानी, अमृत के लगे सामान
कर दे, मैया रानी, कर दे हम पे भी उपकार
हमने भी जयकारे जम-जम के लगाए हैं
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
