
मैया जी के चरणों मे ठिकाना चाहिए |
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए
सुन लो ऐ माँ के प्यारो, तुम प्रेम से पुकारो |
आएगी शेरा वाली, जगदम्बे मेहरावाली
वो देर ना करेगी, झोली सदा भरेगी |
पूरी करेगी आशा, मिट जायेगी निराशा
बिगड़े कर्म सवारे, भव से वो सब को तारे |
श्रद्धा और प्रेम से ध्याना चाहिए,
तिरलोक चंद राजा, था भक्त वो भी माँ का |
जो बंदगी बिछायी संग खेले महामाई
देखा जो बूंद पानी, कहने लगा भवानी |
पानी कहाँ से आया, कैसी रचाई माया
कैसा यह माजरा है, मेरा तो दिल डरा है
माँ इसका राज़ खोलो, अब कुछ तो मुह से बोलो |
कहने लगी भवानी, ऐ मूल अज्ञानी
मुझ को ना आजमाओ, पानी को भूल जाओ |
जिद्द ना करो ऐ राजा, कुछ तो डरो ऐ राजा
बोला वो अभिमानी, मैंने भी मन मे ठानी |
के राज़ जान लूँगा, हर बात मान लूँगा
तब मैया बोली, राजा ना भूल जाना वादा |
सच सच तो मै कहूँगी, फिर पास ना रहूंगी
सागर मे डोले नैया, मेरा भक्त बोले मैया |
हर दम तुझे ध्याऊं, फिर भी मै डूब जाऊं
कश्ती बचाओ माता, श्रद्धा दिखाओ माता |
मै उसकी भी तो माँ थी, यहाँ भी थी वहां भी
चंचल सूना कहानी, गायब हुई भवानी |
पचता रहा था राजा, चिल्ला रहा था राजा
शक्ति को ना कभी आजमाना चाहिए |
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




