
पकड़ हाथ में बैया और बोले श्याम कन्हैया,
बोल राधा बोल अब तू जाएगी कहा
तूने वादा खूब किया था मैं मधुवन में आउंगी,
लोक लाज को छोड़ सँवारे तुझसे प्रीत लगाऊ गी,
रोज रोज का वादा क्या जानू तेरा इरादा,
मधुवन में बैठा हु राधे बात तेरी कब आने को,
कोमल बदन नैन कजरारे तुझ संग रास रचाने को,
मैं काला तू गोरी है राधे श्याम की जोड़ी,
तरस रहे है नैना कब से दिल की प्यास भुजाने को,
कब नैनो से प्यार करोगी अपने श्याम दीवाने को,
बरसाने की छोरी गुजरियाँ नार निगोरी,
थाम लिया है दामन तेरा ओ राधा बरसाने की,
पकड़ लिया जो हाथ श्याम ने परवाह नहीं ज़माने की,
कवी बिजन की भी नैया तारे गे श्याम कन्हियाँ
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