
भगत खड़ा है द्वार आपरे,
किनरे भरोसे ओ थारे भरोसे,
ओ मावडी थारे भरोसे,
ओ थारे भरोसे,
ओ मावडी थारे भरोसे ओ।।
जसोल नगरी माता रानी,
साचो थारो धाम,
दीन दुखी दर्शन ने आवे,
सारो सबरा काम,
दूर दूर सु पैदल आवे,
किनरे भरोसे ओ,
थारे भरोसे,
लाल चुनडीया शिश सुहावे,
शोभा अपरम्पार,
चार खूट मे माता थारी,
होवे जय जयकार,
जय जयकारा करता आवे,
परचो एकत मामी पायो,
दर्शन दीना आप,
पग री पायल ओर चुडलो,
भेज्या जिनरे साथ,
जसोल गढ मे ढोल बजावे,
तीज काजली मेलो लागे,
आवे नर और नार,
मोतीया वाली माता थारो,
मोटो है दरबार,
मन री बाता भक्त सुनावे,
माता रानी भटियाणी ने,
दास अशोक सुनाय,
भगत आपरे आंगन आया,
दिजो दर्श दिखाय,
डगमग डोले नाव भंवर मे,
गायक – कीर्ति जोशी & प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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