
मीठी लागे मीठी लागे,
मीठी म्हारा सांवरा,
भजना से लागे मीरा मीठी,
उदयपुर राणा,
भजनाँ सँ लागैे मीरा मीठी रे।।
थे तो सांवरिया म्हारे स्वीकारो सेवरा,
म्हे थारैे हाथ की अंगूठी म्हारा सांवरा,
थारों तो राम मीरा म्हानैे बताओ,
नहीं तो फकीरी थारी झूठी रे मेरतली मीरा,
म्हारो तो राम राणा जी घट घट बोलै,
थारैे हिये की कियाँ फुट्टी रे उदयपुर राणा
सँकड़ी गली मै म्हानैे मिल गयो सांवरो,
किस बिद फिरुँ में अपुठी म्हारा सांवरा,
सास नणद म्हारी दोराणी जेठाणी,
जलबल भई रे अंगीठी म्हारा सांवरा,
बाई मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
चढ़ गयो रंग मजीठी म्हारा सांवरा,
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