
भटके क्यों दर बदर कर भरोसा श्याम पर
भटके क्यों दर बदर,
कर भरोसा श्याम पर,
जिसने भी दिल से पुकारा,
हर मुसीबत से उबारा,
बेसहारों का सहारा,
साँवरा मेरा साँवरा,
भटके क्यूँ दर-ब-दर,
इसके आगे हार जा,
तन मन अपना वार जा,
लाख हो गहरा समंदर,
तू बिना पतवार जा,
आके दामन थाम लेगा,
फिर किनारा श्याम देगा,
जिंदगी भर का मिलेगा,
आत्म बल मिल जाएगा,
फिर ना तू घबराएगा,
दूर हो मंजिल भले ही,
रास्ता मिल जाएगा,
होंसला तुझको मिलेगा,
आंधी में दीपक जलेगा,
साथ में हर दम चलेगा,
है बहुत चंचल ये मन,
फिर भी कर थोड़ा भजन,
श्याम ने जीवन दिया है,
कुछ तो तू करले जतन,
कर नशा इस जाम का,
बस हरी गुणगान का,
सूर और रसखान का,
कौन है तेरा यहाँ,
ना किसी से आस कर,
है फरेबी ये जमाना,
श्याम पर विश्वास कर,
दिल लगा दिलदार से,
सांवरे सरकार से,
‘संजू’ कहते प्यार से,
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