
भोमिया जन्मया चोनणी चोहदश रात
भोमिया जन्मया,
चोनणी चोहदश रात,
पुनम रा बाजा बाजिया,
सुरवा बाजा जन्मतड़े सोवन थाल,
सोने री कटारी नाला मोरिया।।
भोमिया गाया गाया मंगला गीत,
अलीये गलीये गुड़ वोटिया,
भरीयो मोतिड़े गज थाल,
जोशी बुलावा भुआ हालीया।।
छोरियां जावजो जोशी घरबार,
जोशी बुलावो अपने रावले,
कोनी जोणो जोशी रो घरबार,
केड़े ऐलोणे जोशी ओलखो।।
जोशी रे आंगणै वलुबी नागर बेल,
फले उबी है पारस पिपली रे,
ऐतो जोशी रा ऐलोण छोरीयो,
ऐड़े ऐलोणे जोशी ओलखो रे।।
छोरीयो आई जोशी रे घरबार,
आवे जोशी ने हेलो मारियो रे,
जोशीजी सुता होवो तो जाग,
जागता होवो तो बाहर आवजो।।
बायो कोई पड़ीयो मासु काम,
केड़े कामसु हेलो मारियो रे,
जोशीजी काम टाले किरतार,
घर रे कामो सु हेलो मारियो रे।।
जोशीजी लेजो थोरा वेद पुराण,
जुने जुगो रा लेजो टिपणा,
जोशीजी लिना वेद ने पुराण,
जुना जुगो रा लीना टिपणा।।
अरे सुरवा सिवरे जिणो री किजो स्याय,
शरणे आयो री लजीया राखजो रे जी।।
गायक-जगदीशसिंह झाला सिणधरी,
प्रेषक-लालाराम प्रजापत सिणधरी,
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