
मंदिर में वैष्णो के एक बार जो आ जाये,
मनचाही यहाँ अपनी तकदीर लिखा जाए,
मंदिर में वैष्णव के एक बार जो आ जाये,
माता के रजिस्टर में जो भी नाम लिखाता है,
माता की दया ममता पहले वही पाता है,
एक बार जो सर अपना इस द्वार झुका जाए,
माँ के द्वार पे कटती है कर्मो की जंजीरे,
इस द्वार पे बनती है बिगड़ी हुई तकदीर,
जो भी सोचा ना सपनो में यहाँ आकर पा जाए,
माँ तो रोज बुलाती है तुम ही तो नहीं जाते,
आवाज लगाती है तुम्ही तो नहीं जाते,
एक बार बुलाओ तुम माँ दौड़ के आ जाए,
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