
मरुधर धरती ऊंचो रे मंदिर है,
मांई विराजे जंभेश्वर भगवान,
समराथल धाम में।।
ध्यावे पूजे थाने सगला नर नार जी,
अठे विराजे विष्णु रा अवतार,
गढ रे बीकाणा में मोटो थारों धाम जी,
अठे विराजे जंभेश्वर भगवान,
29 नियमों को पंत बनाया जी,
जीव दया रो अर्थ समझाइए जी,
करी तपस्या समराथल धाम,
जीव पालन एवं वन लगावण,
लड़े पर्यावरण रक्षा के खातिर,
विष्णु रे विष्णु भण रे प्राणी,
होवसी बेड़ा पार,
भगत रे थारी आवे मुकाम,
पर जुक जुक करे निवण प्रणाम,
गणेश फौजी थारी महिमा बनावेजी,
रमेश सारण थारी महिमा गावे जी,
करे करे थाने ओ प्रणाम,
गायक / प्रेषक – लोक गायक रमेश सारण।
बाङमेर
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