
माँ छगनी के दुलारे,
श्री बाबोसा भगवान,
इनके नाम से जग में,
हम भक्तो की पहचान,
तर्ज – सावन का महीना।
बाबोसा के चरणों से जो,
भक्त करीब है,
इस दुनिया में वो,
बड़े खुश नसीब है,
वो भक्त सदा ही पाये,
बाबा की कृपा से मान,
अपनो से हारे जब हम,
यही साथ आया,
संग रहे ये हर पल,
बनकर के साया,
हर संकट को मिटाकर,
भक्तो पे किया एहसान,
करे दिल से शुक्रिया,
धन्यवाद थैंक्यू,
मिले हर जन्म में बाबोसा,
कहती ये ‘रिंकु’,
‘दिलबर’ तुमसे ही इज्जत,
ये शोहरत और सम्मान,
लेखक / प्रेषक – दिलीप सिंह सिसोदिया दिलबर।
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