
तुम साधो तो सध जाएं
सकल सबके बिगड़े काज
मेरी बिगड़ी बना जाओ जी गणराज
सब देवों में प्रथम पूजे जाते हो
प्रथम देव तुम कहलाते हो
ऋषि मुनि सभी देवगण पूजे
पूजे तुमको सकल समाज
विघ्नहर्ता विघ्न तुम हरते हो
झोली भक्तों की सदा भरते हो
हाथ पसारे मैं भी खड़ा हूँ
लिए खाली झोली आज
शुभ का आरम्भ तुम करते हो
मंगल कारज सदा करते हो
मेरा भी सब शुभ कर दो
रख लो जी राजीव की लाज
© राजीव त्यागी
नजफगढ़ नई दिल्ली
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