
मेरी श्यामा तेरी नौकरी
कुछ मिले ना मिले ग़म नहीं, मेरी तनख्वाह भी कुछ कम नहीं,
मेरी श्यामा तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
तेरे महलन की चाकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी......
मैं नहीं था किसी काम का, ले सहारा तेरे नाम का,
आ गया बरसाना गली, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
खुशनसीबी का जब गुल खिला, तब कहीं जाके ये दर मिला,
मिल गई अब तो चौखट तेरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
मेरी लाडो तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
जब से तेरा गुलाम हो गया, तब से मेरा भी नाम हो गया,
वरना औकात क्या थी मेरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
मेरी तनख्वाह भी कुछ कम नहीं, कुछ मिले ना मिले ग़म नहीं,
ऐसी होगी ना हां दूसरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
एक वियोगी दीवाना हूँ मैं, कोर (टुकड़ा) करुणा की चाहता हूँ मैं,
दूर करना ना मुझको हरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
जय राधे राधे राधे राधे......जय राधे राधे राधे राधे
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