
गणपति बापा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आ,
मेरे मन मंदिर तुम भगवन रहे ,
मेरे दुःख से तुम केसे अंजान रहे,
मेरे घर में कितने दिन महेमान रहे,
गणपति बापा मोरिया ..........
कितनी उमीदे बन जाती है तुम से तुम जब आते हो,
अभ के बरस देखे क्या दे जातेहो क्या लेजातेहो,
अपने सब भग्तो का तुम को ध्यान रहे ,
आना जाना जीवन है जो आया केसे जाए ना ,
खिलने से पहेले ही लेकिन फूल कोई मुर्जाय ना,
न्याय अन्याय की कुछ पहेचान रहे,
हो हो...
अस्वन का कतरा कतरा सागर से भी है गहेरा,
इस में डूब न जाऊ में तुमरी जय जय कार करू में,
वरना अभ जभ आओगे तुम मुझ को ना पाओगे,
तुम को कितना दुःख होगा गणपति बापा मोरिया,
अपनी जान के बदले अपनी जान में अर्पण करता हु,
आखरी दर्शन करता हु अभ में विसर्जन करता हु,
गायक-ललित अजबानी
( पंचवटी )
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
