
श्री राम जानते है,
जो भी भला बुरा है,
बंदे के दिल में क्या है,
मेरे राम जानते है,
किसी को नहीं मालूम क्या...
आता कहाँ से कोई,
जाता कहाँ है कोई,
किसी को नहीं मालूम लेकिन…..
युग युग से,
इस गति को,
आदमी कैसा जीव है वो,
कोई ठग के चला गया ना,
कहता है,
अरे जाओ जाओ ऊपर,
बैठा सब जानता है,
वो सब देख रहा है,
और जब अपने किसी को ठगता है,
तो भूल जाता है कि ऊपर,
बैठा यह भी देख रहा है,
कितना भी छिपा लीजिए,
साधक कहता है……..
नेकी बदी को अपने,
जितना भी हम छिपा ले,
श्री राम को पता है,
एक शब्द है किस्मत,
किस्मत सुने है आप लोग ना?
सुने है ना?
सब जानते है और सब,
इसकी बात भी करते है,
शायद मेरे किस्मत,
में यही लिखा था,
शायद मेरे किस्मत में,
यह बात नहीं थी,
साधक कहता है यह……
किस्मत के नाम को तो,
सब जानते है लेकिन,
हाँ
क्या रे
किस्मत में क्या लिखा है,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




