
मेरो छोटो सो मदन गोपाल
तरज़-मेरो छोटो सो लड्डू गोपाल
मेरो छोटो सो मदन गोपाल,मचल
गयो माखन पे
माखन पे सखी मिश्री पे
1.लड्डू बनाए मैंने पेड़े बनाए,
पूड़ी पकवान मैंने सब कुछ बनाए
वो तो बैठो फुला के गाल,मचल
2.ना इत डोले ना उत डोले,
ना अंगना किलकारी मारे
ना चले ठुमकनीं चाल,मचल गयो
माखन पे
3.समझा के हार गई मैं,किसने ये लत
डार दई है,
किसने आदत बिगाड़ दई है,
कहां से लाऊं मैं माखन नंदलाल,
मचल गयो माखन पे
4.द्वापर में बहती थी दूधों की नदियां,
माखन की भरी रहती थी मटकिया
कलयुग में पढ़ो है अकाल,मचल
बाबा धसका पागल पानीपत
संपर्कंसुत्र-7206526000
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