
मेला फागन का लगता श्याम के दरबार
मेला फागन का लगता श्याम के दरबार
के फागन मेले में आते भक्त हजार
मेला फागुन का ....
फागुन महिना रंग बिरंगा भीड़ लगी है भारी
देश विदेश से दर्शन करने आते है नर नारी
चंग धमाल की धुन पर देखो झूम रहा संसार
रंग्स से खाटू नगरी तक पैदल प्रेमी जाते
एक निशान उठा काँधे पर श्याम किरपा वो पाते
नाचते गाते ख़ुशी मनाते करते जय जय कार
खाटू मंदिर बहार प्रेमी बना के आते टोली
रंग गुलाल उडा कर बाबा श्याम से खी होली
दर्शन करने को बाबा की लम्भी लगे कतार
फागुन शुक्ला दवाद्शी की महिमा बड़ी निराली
आलू सिंह जी ने फरमाया भरता झोली खाली
दर का चाकर बना लो अपने ये श्याम करे मनुहार
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

