
मैया जी बदनसीब का जीवन सवार दो
उजड़ा है मेरा ये चमन मैया बहारो दो
मैया जी शरदा भाव से तेरा मैं नाम लू
तेरी दुआए चंडी माँ आठो ही याम यु
सुन लो मेरी भी दातिये थोडा सा प्यार दो
पार कर माँ मेरी नैया तू ही तो है जग की खविया माँ
हे चंडी आंबे रानी कर मुझको पार दो
तेरी शरण में आई माँ कर उधार दो
सोये मेरे नसीब को अब तो जगा दो माँ
भटक गई हु राह से मंजिल दिखा दो माँ
जाऊ कहा एह दातिये तुम अपना द्वार दो
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