
मइया नूं वाज़ां मारियां
मैं अंबे, अंबे कहि के, मइया नूं, वाज़ां मारियां ॥
अंबे नूं, वाज़ां मारियां, मइया नूं, वाज़ां मारियां ॥
जय मां, अंबे... जय जगदंबे ॥॥
जब मैं, पहुंची, बाण गंगा ॥
बाण गंगा, पानी ठंडा ॥
मैं ठंडे, पानी वड़्ह के, मइया नूं, वाज़ां मारियां ।
मैं अंबे, अंबे कहि के, मइया नूं, वाज़ां...
जब मैं, पहुंची, कठिन चढ़ाइयां ॥
कठिन, चढ़ाइयां, पौड़ियां आईयां ॥
मैं पौड़ी पौड़ी चढ़ के, मइया नूं, वाज़ां मारियां ।
जब मैं, पहुंची, चरण पदुका ॥
चरण, पदुका, चरण पदुका ॥
मैं चरनी, सीस निवा के, मइया नूं, वाज़ां मारियां ।
जब मैं, पहुंची अर्ध कुआरी ॥
अर्ध, कुआरी, गुफ़ा प्यारी ॥
मैं गर्भ, जून विच वड़्ह के, मइया नूं, वाज़ां मारियां ।
जब मैं, पहुंची, हाथी मथा ॥
हाथी, मथा, पाप लथा ॥
मैं सारे, पाप उतारे, मइया नूं, वाज़ां मारियां ।
जब मैं, पहुंची, भवन दे अंदर ॥
भवन, दे अंदर, सोहणा मंदिर ॥
मैं पिंडी, दर्शन करके, मइया नूं, वाज़ां मारियां ।
जब मैं पहुंची भैरों मंदिर ॥
भैरों, मंदिर, बड़ा ही सुंदर ॥
मैं भैरों, दर्शन करके, मइया नूं, वाज़ां मारियां ।
जब मैं, पहुंची, घर दे अंदर ॥
घर दे अंदर, सजा के मंदिर ॥
मैं कंजकां नूं, घर च बिठा के, मइया नूं, वाज़ां मारियां ।
अपलोडर – अनिलरामूर्ति भोपाल
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
