
म्हारे रे वाडा में हरीयो रूकडो माँ,
जिन री है हरी हरी छाव,
मारे रे वाडा में खोकर खेजडो माँ,
भगत बुलावे गाजण माँ आवजो माँ,
मारे आंगनीया रे माय,
सेवक बुलावे गाजण माँ आवजो माँ,
आवो घर परिहारा रे आज।।
मारे रे वाडा मे,
खोकर खेजडो माँ,
जितरे तो गाजण माँ,
रथडा रोकीया माँ,
वोटोडे तो लियो विश्राम,
अरे पारसजी ने दिनो,
वो भी डीकरो माँ,
राखीयो जुगडा मे अमर नाम।।
हरीयो रूकडो माँ,
जितरे तो खेतलाजी,
माणकजी ने दिनो,
राखीयो जुगडा अमर नाम।।
ऊंचे रे भाकर मे,
आसन आपरो माँ,
धर्मधारी रे माय,
ए डूंगर ऊपर,
देवल आपरो माँ,
गाँव तो केरला रे माय,
ए भगत पैदल,
आवे आपरे माँ,
सेवक चरनो रे माय।।
गाँव केरला वाली मावडी माँ,
राखो भगता पर छत्तर छाव,
कुलदेवी मारी गाजण मावडी माँ,
ए हेती मुकेश रमता आविया माँ,
भावना प्रकाश चरना माय,
ए दिपो ने पोकर आवे देवरे माँ,
लावे शंकर जी ने साथ।।
अवतानी परिवार करे विनती माँ,
पैदल आवो बालोतरा सु आज,
अरे मिश्राजी रा कहिजे चार लाडला माँ,
जेठाजी हंजाजी सावलराम,
शंकर जी तो कहिजे सबसु लाडला माँ,
आवे थारे चरनो रे माय,
विनती सुनता ही वेगा आवजो माँ,
राखो मारे सिर ऊपर हाथ।।
प्रेषक – मनीष सीरवी
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

