
आओ माँ शेरवाली से सौगात माँग लो
जो चैन से बसर हो वो दिन रात मांगलो।।
दरवाजा खुला है ये हर एक के लिए
माँ ज्योतावलिये से खैरात मंगलो।।
ये हक़ीकत है सुनले दीवाने
माँ के कदमो में सारे खजाने।।
हर सावली की झोली भरेगी
आए आए ये नौ दिन सुहाने
जब भी करते अधर्मी तमाशा
माँ का पड़ता है ऐसा तमाचा
हो गया चूर उनका गुरूर
जो भी आया इन्हे आज़माने।।
माँ है ममता का भारी समंदर
झुकते है शाह और कलंदर
उनको मिलता है चैन और सुकून
जो भी गाता माँ के तराने।।
नही माँ से बड़ा कोई जग में
कृपा करती है मा पग पग में
आजा आजा शरण माँ की भाई
कहे आज़ाज़ ना कर बहाने।।
अगर माँ गुफा मे समाई ना होती तो दुनिया यहा चल
पंडा कराये रहो पूजा मैया जी की झूम झूम के
मैया ने करा दी मेरी बल्ले बल्ले फुल है तिजोरिया ते
तेरी चौखट पे जन्नत का नज़ारा हमने देखा है
झूठे रिश्ते और नाते झूठी दुनिया की बाते
माँ मुझे अपने आंचल में छुपा ले गले से लगा ले
फूल अगर मे होता भवन माँ तेरा महकता शान से
ढोल बजे माँ धूम मची भक्तो की जिधर देखो जगराते आये
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