
राजी राजी राखो बाबा फिर थारे दर पे आवा जी
राजी राजी राखो बाबा,
फिर थारे दर पे आवा जी,
भूल चूक म्हारी माफ़ करो फिर,
थारा दर्शन पावां जी,
तर्ज – नगरी नगरी द्वारे द्वारे।
सारी दुनिया पे है बाबा,
कैसी विपदा छाई जी,
पालनहार के आगे बाबा,
सबने अर्ज लगाई जी,
एक आसरो थारो बाबा,
थाने अर्ज लगावा जी,
धीरज छुट्यो जाये बाबा,
आंख्या बरसे नीर जी,
थारे सिवा अब कौन बंधावे,
म्हाने आके धीर जी,
लीले चढ़के आओ बाबा,
रो रो थाने बुलावा जी,
या दुनिया भी करे हंसाई,
सगा संबंधी ऐंठ गया,
बोली मारे थारा बाबा,
मंदिर भीतर बैठ गया,
अटल भरोसा था पे बाबा,
नैना कदे डिगावा जी,
रोज रोज थारो सुपणो देखूं,
जद जद जी घबरावे जी,
प्रेम्या के घर जाकर तू तो,
मोरछड़ी लहरावे जी,
‘रोमी’ के घर आजा बाबा,
थाने भजन सुणावा जी,
स्वर / रचना – सरदार रोमी जी।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
