
राजेश्वर आया मैं थारे दरबार,
शरणे आया री लजीया राखजो ओ जी,
राजेश्वर कलजुग मे लिनो अवतार,
माला तो फेरी राजाराम री ओ जी,
गुरूजी जन्मीया शिकारपुरा आप,
भक्ति सु कलबी कुल ने तारीयो ओ जी,
राजेश्वर बचपन में जाग्यो वैराग,
भक्ति थे किनी गाया चारता ओ जी,
गुरूजी साचो है जग में थारो धाम,
दर्शन ने आवे थारे जातरी ओ जी,
गायक – मोईनुद्दीन मनचला जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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