
रात सखा मने सपनो आयो,
सपना में माता जी देख्या रे,
बागा देख्या बगीचा देख्या,
आंगणिया में रमता देख्या रे,
दाया कोरे चक्र चलायो,
बाया भाला रोप्या ओ माँ,
माता पे थारे रखड़ी सोहे,
नाका नथड़ी चमके माँ,
हाथा में सोना री चुडिया,
बाजु हिरा जडियो ओ माँ,
नवलखो थारे हार गला में,
जुमका मारो मन मोयो ओ माँ,
सिंह सवारी आवे मारी माता,
बावन भेरू लावे ओ माँ,
आगे आगे बजरंग नाचे,
पाछे नवलख देविया ओ माँ,
ढोल नगाड़ा नोपत बाजे,
जालर री जानकारा ओ माँ,
आरतिया री वेला आया,
रूप लिया हे निराला ओ माँ,
धरम भगत थारी महिमा गाई,
चरना शीश नमाया ओ माँ,
हाथ जोड़ थाने करी विनती,
जनम सफल वे पाया ओ माँ,
भजन लेखक और गायक – धर्मेंद्र तंवर।
उदयपुर मोबाइल – 9829202569
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




