
जय जय जय श्री राम,
राम जी के भक्तो ने,
भगवा फहराया है,
भव्य प्रतिष्ठा प्रभु राम की,
मन हर्षाया है,
सब भक्तो ने नाम,
जय श्री राम गाया है,
राम राम जय राजा राम,
राम राम जय सीताराम,
रघुपति राघव राजा राम,
पतित पावन सीताराम,
रघुकुल नंदन जय श्री राम,
सत्य सनातन जय श्री राम,
मर्यादा का एक ही नाम,
जय श्री राम जय श्री राम।।
वर्षो का वनवास बिताके,
रघुकुल नंदन अवध पधारे,
जय जय सिया राम बोलो,
जय सिया राम,
धरती अम्बर झुम रहा है,
झुमें दशो दिशाएं है,
कई वर्षों के बाद राम,
निज मंदिर में आये है,
स्वागत में प्रभु राम के,
सरयू तट मुस्काया है,
धरती बोले जय श्री राम,
अम्बर बोले जय श्री राम,
घर घर भगवा फहरेगा,
राम राज्य फिर आयेगा,
भारत का हर एक बच्चा भी,
जय श्री राम गायेग।।
रघुनन्दन के अभिनंदन में,
अयोध्या नगरी सजाई है,
ढोल नगाडे नोबत बाजे,
और बजे शहनाई है,
देश विदेश के घर घर में,
श्री राम गाया है,
मंगल भवन अमंगल हारी,
द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी,
गायक – किशन गोयल बालोतरा।
रचनाकार – दिलीप सिंह सिसोदिया ‘दिलबर’।
नागदा जक्शन म.प्र. 9907023365
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