
लाया थारी चुनरी
ल्याया थारी चुनरी
करियो माँ स्वीकार
इमें साँचा साँचा हीरा
और मोतियों की भरमार
चुनरी को रंग लाल चटक है
तारा भी चिपकाया माँ
बढियां पोत मंगायो जामे
गोटो भी लगवाया माँ
थे तो ओढ दिखाओ मैया
थारो मानंगा उपकार
बस इतनी सी कृपा कर दे
सेवा में लग-जावाँ माँ
म्हने तू इ लायक करदे
चुनरी रोज चदावा माँ
बस टाबरिया पर बरसे
माँ हरदम थारो प्यार
एक हाथ स भक्ति दीजे
एक हाथ स शक्ति माँ
एक हाथ स धन दौलत और
एक हाथ स मुक्ति माँ
तू तो हर हाथां स दीजे
माँ थारा हाथ हज़ार
गर तू थारो बेटो समझे
सेवा बताती रह्ज्ये माँ,
बनवारी क्यां लायक समझो
काम उडाती रह्य्जे माँ
म्हे तो रात-दिना बेठ्या हाँ
थारी सेवा में तैयार
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

