
लाल लंगोटो बाला हाथ में घोटो,
श्लोक – लाल देह लाली लसे,
अरु धर लाल लंगुर,
वज्र देह दानव दलन,
जय जय जय कपि सूत।
हनुमंत तेरी धाक से,
धूजे लंका कोट,
माँ अंजनी रा लाडला,
थारे पैरण लाल लंगोट।
थाने शुमिरा पवन कुमार बजरंग बालाजी,
बालाजी बालाजी बालाजी ओ म्हारा बालाजी,
थारी जय हो पवन कुमार बजरंग बालाजी।।
थेतो रामजी रा कहिजो दास बजरंग बालाजी,
लंका जारी सिया सुध लाये,
थेतो रामजी रा सारिया काज बजरंग बालाजी,
तेल सिन्दूर थारे अंग चढ़े,
बाला मंगल ने शनिवार बजरंग बालाजी,
सालासर में थारो धाम कहिजो,
थारी धजा फरुके आसमान बजरंग बालाजी,
सेन सिंह शरणा रो चाकर,
म्हाने दो भक्ति वरदान बजरंग बालाजी,
“श्रवण सिंह राजपुरोहित द्वारा प्रेषित”
सम्पर्क : +91 9096558244
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