
विघ्नों को टालने गणराज आगये,
शिवः शम्भू गौरा माता के युवराज आगये।।
मंगलमयी है मूरत मोदक लिए हुए,
चूहे पे चढ़के जग के सरताज आगये,
माथे पे सोहे चंदन त्रिशूल हाथ मे,
बुद्धि को देने वाले सरताज आगये,
सोने की थाल में उन्हें मोदक खिलाएंगे,
क्योकि मेरे गजानन महाराज आगये,
पांव बजे पायल कानो में कर्णफूल,
राजेन्द्र सुख व शांति के अवतार आगये,
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