
वेलकम गणेशा तेरा मेरे परिवार में भी पिरोया है फूलो के संगार में
रिधि सीधी देवा तेरे साथ आ गई मेरे अंगना में
आये भोले बाबा गोरी मात आ गई मेरे अंगना में,
वेलकम गणेशा
आज मैने घुंगरू पैरो में बंध वा लिए
अरे दिल्ली में थे जितने ढोली बुल वा लिए
आज भी न नाचू गा तो फिर कब नाचू गा ,
घर बैठे देवा तेरे दर्शन पा लिए
तब से थी अखियाँ तुम्हारे इन्तजार में
प्यार भी पिरोया है फूलो के संगार में
धन लक्ष्मी की बरसात आ गई मेरे अंगना में
जाऊ बलिहारी मैं सवारी तेरी देख के
झांकियां हजारो न्यारी न्यारी तेरी देख के
नाज मुझे होना लगा अपने नसीब पे
मूर्ति गणेशा प्यारी तेरी प्यारी तेरी देख के,
कमी न रहेगी कोई सेवा सत्कार में
प्यार भी पिरोया है फूलो के संघार में
स्वर्ग से सुखो की सोगात आ गई मेरे अंगना में
धुल पग पंकज की माथे से लगाई है,
घड़ी शुभ मंगल ये आते आते आई है गूंजी मेरे घर में सुखो की शेहनाई है
मुझे मेरो अपने ने भेजी बधाई है
भीड़ देखो कितनी खड़ी है ये कतार में
गणपति के भगतो की बारात आ गई मेरे अंगना में
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