
वो आया था वो आएगा कान्हा से पुराना बंधन है
वो आया था वो आएगा,
कान्हा से पुराना बंधन है,
दुःख हर्ता है सुख कर्ता है,
हाथों से सजाता जीवन है।।
खामोशी को लाचारी को,
एक पल में ये समझता है,
महसूस इसको हो जाता जब,
भक्त का आंसू टपकता है,
इनको जितना समझो कम है,
नरसी जी का मीरा जी का,
करमा का मान बढ़ाया है,
खुद बिक के इसने भक्तों का,
हर दम कर्ज चुकाया है,
ये ही मेरा जीवन धन है,
दीवानो का दीवाना है,
माया का इसको ना चाव है,
प्रेमी है ये उस प्रेमी का,
रखता जो प्रेम का भाव है,
कहता ‘मोहित’ इनसे हम है,
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