
वो नाव नहीं डूबेगी जो चलती है श्याम सहारे
वो नाव नहीं डूबेगी,
जो चलती है श्याम सहारे,
उसे श्याम खिवैया बनकर,
भव सागर पार उतारे,
तर्ज – मानो तो मैं गंगा माँ।
सुख दुःख तो लहरों की तरह है,
आते और जाते है,
जिनको भरोसा श्याम प्रभु का,
वो नहीं घबराते है,
निष्काम करम करता जा,
मिल जाएंगे तुझे किनारे,
सुन पुकार द्रोपदी की कान्हा,
तुरत ही दौड़े आए,
खिंच खिंच कर थका दुशाशन,
इतना चीर बढ़ाए,
मेरे श्याम देर नहीं करते,
कोई दिल से उन्हें पुकारे,
तुमको ही तुम्हारे अपने,
जब सब धोखा दे जाए,
उन घड़ियों में सांवरिया,
तुम्हे अपने गले लगाए,
मेरे श्याम से कुछ नहीं छुपता,
वो हर पल तुम्हे निहारे,
हुई अमर श्याम दीवानी,
विष पीकर मीराबाई,
नरसी और सुर सुदामा,
ने श्याम की महिमा गाई,
तब स्वयं श्याम ने आके,
उनके सब काम सँवारे,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



