
शिव के रूप में आप विराजे,
भोला शंकर नाथ जी।
श्लोक – सौराष्ट्रे सोमनाथं च,
श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्,
उज्जयिन्यां महाकाल,
ओमकारम ममलेश्वरम्।
परल्यां वैजनाथं च,
डाकियन्यां भीमशंकरम्,
सेतुबन्धे तु रामेशं,
नागेशं दारुकावने।
वारणस्यां तु विश्वेशं,
त्र्यम्बकं गौतमी तटे,
हिमालये तु केदारं,
ध्रुष्णेशं च शिवालये।
आकाशे तारकम लिंगम,
पाताले हाटकेश्वरम,
मृत्युलोके महाकालम,
लिंगम त्रयो नमोस्तुते।
सारी दुनिया तुमको पूजे,
माँ गौरा के साथ जी,
बोल बम बोल बम,
बोल बम बम।
तर्ज – सभी रूप में आप विराजे।
सौराष्ट्र में सोमनाथ जी,
श्री शैले मलिकार्जुनम्,
ओमकारेश्वर में ममलेश्वर,
गोमती तट में त्रंबकेश्वर,
उज्जैन में महाकाल स्वयंभू,
कालों के है काल जी,
परल्यां में वैजनाथ है,
डाकियन्या में भीम शंकर,
वाराणसी में विश्वेश्म् है,
हिमालय में दर्शन करलो,
बद्री केदारनाथ जी,
अमरनाथ में आते बाबा,
बर्फानी देने दर्शन,
घृष्णेश्वर के दिव्य है दर्शन,
चलो चले वेरुल शहर,
समुंद्र तट पर रामेश्वर को,
पूजे थे श्री राम जी,
गायक – मनीष तिवारी।
प्रेषक – विवेक कौशल।
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