
शेरावाली माँ भवानी,
हे जग जननी माँ कल्याणी,
महिमा तुम्हारी ना जाये बखानी,
हे महाकाली माँ अम्बे रानी,
मै तेरा बालक तू मेरी माता,
माँ बेटे का कितना पावन है नाता,
दर्शन की प्यासी बैरन ये अखियाँ,
बरसाए झर झर आँखों से पानी,
तुम बिन दिल की किसको सुनाये,
हो गये अपने भी अब पराये,
किस हाल में है तुम्हे क्या बताये,
तुमसे छुपी ना ये मेरी कहानी,
दर पे तुम्हारे जो भी है आया,
मुँह माँगा वर उसने तुमसे है पाया,
मेहर की निगाह हम पर भी डालो,
तुम्हारी हमारी है प्रीत पुरानी,
राजा हो या रंक भिखारी,
सब ही है माँ तेरे पुजारी,
राधा मंडल का है ये कहना,
“दिलबर” की हर बात हंसकर के मानी,
सारे जहाँ में गुंजे जयकारे,
जय मइया जय मइया भक्त पुकारे,
धरती अम्बर में यही गूंज गूंजे,
है नव दुर्गा जगत महारानी,
– सिंगर एवम् रचनाकार –
दिलीप सिंह सिसोदिया “दिलबर”।
बिटिया चंचल राठौर।
नागदा जक्शन म.प्र.
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